सुप्रीम कोर्ट से नियोजित शिक्षकों को झटका, नहीं मिलेगा समान काम के बदले समान वेतन!

बिहार के साढ़े 3 लाख नियोजित शिक्षकों के अरमानों पर सुप्रीम कोर्ट ने पानी फेर दिया है. समान काम के बदले समान वेतन की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दिया है. कोर्ट ने बिहार सरकार को बड़ी राहत देते हुए शिक्षकों को समान काम के बदले समान वेतन देने से मना कर दिया है. शुक्रवार को हुए सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि नियोजित शिक्षक समान काम के बदले समान वेतन के कैटेगरी में नहीं आते हैं , उन्हें समान वेतन नही दिया जा सकता है।
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आपको बता दें कि इस मामले में पटना हाईकोर्ट ने शिक्षकों के हक में फैसला सुनाया था. बिहार सरकार को समान वेतन देने का निर्देश दिया था. लेकिन बिहार सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर पहले भी 11 याचिकाओं पर सुनवाई की गई थी, जिसके बाद कोर्ट ने 3 अक्टूबर 2018 को फैसला सुरक्षित रख लिया था.सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में सुनवाई के दौरान बिहार सरकार ने स्पष्ट कहा था कि नियोजित शिक्षकों को समान काम के लिए समान वेतन नहीं दिया जा सकता. केंद्र सरकार ने भी इसका समर्थन किया था. केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में 36 पन्नों का हलफनामा दिया था, जिसमें कहा गया था कि इन्हें समान काम के लिए समान वेतन नहीं दिया जा सकता, क्योंकि समान काम के लिए समान वेतन के कैटेगरी में ये शिक्षक नहीं आते।

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शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट नंबर 6 में जस्टिस अभय मनोहर सप्रे और जस्टिस अभय ललित ने इस मामले में अपना आदेश सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि बिहार के 3 लाख 50 हजार नियोजित शिक्षकों को समान काम के बदले समान वेतन के कैटेगरी में नहीं आते हैं. आपको बता दें कि बिहार सरकार ने इस मामले को लेकर कहा था कि अगर नियमित शिक्षकों के तर्ज पर इन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन देने पर सालाना करीब 36,998 करोड़ का अतिरिक्त भार आयेगा.
गौरतलब है कि बिहार में समान कार्य के लिए समान वेतन को लेकर नियोजित शिक्षक काफी समय से आंदोलन कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में सुनवाई के दौरान बिहार सरकार ने स्पष्ट कहा था कि नियोजित शिक्षकों को समान काम के लिए समान वेतन नहीं दिया जा सकता. अब सुप्रीम कोर्ट ने भी फैसला सूना दिया है. अब शिक्षक आगे क्या कदम उठाते हैं ये देखने वाली बात होगी.

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लोकसभा चुनाव 2019: पहले चरण में 18 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों की 91 सीटों के लिए कुल 69.43% मतदान!

लोकसभा चुनाव के पहले चरण में गुरुवार को 18 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों की 91 सीटों के लिए कुल 69.43% वोट पड़े। राज्यों में सबसे ज्यादा 83.79% मतदान प. बंगाल की दो सीटों, जबकि सबसे कम 53.47% बिहार की चार सीटों पर हुआ। यूपी में पहले दौर की आठ सीटों पर 2014 की तुलना मे 1.88 % कम मतदान हुआ। तब इन सीटों पर 65.76% मतदान हुआ था, वहीं 2019 में यह 63.88% रह गया।

जबकि केंद्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप में 84.96% मतदान हुआ। चुनाव आयोग के अनुसार आंकड़ों में बदलाव संभव है। हाइटेक व्यवस्था के दावे के बावजूद 24 घंटे में पूरे आंकड़े न आने से आयोग पर सवाल भी उठ रहे हैं। 2014 के चुनावों में सभी नौ चरणों में कुल 66.44% मतदान हुआ था।

आंध्र प्रदेश में 78.14%, अरुणाचल प्रदेश 67.08, असम 78.23, बिहार 53.47, छत्तीसगढ़ 65.80, जम्मू-कश्मीर 57.35, महाराष्ट्र 63.04, मणिपुर 82.82, मेघालय 71.41, मिजोरम 63.02, नगालैंड 83.12, ओडिशा 73.76, सिक्किम 78.19, तेलंगाना 62.69, त्रिपुरा 83.26, उत्तराखंड 59.89, प. बंगाल 83.79, अंडमान निकोबार 64.85 व लक्षद्वीप में 84.96% मतदान हुआ।

आंध्र की 25 लोस व 175 विस सीटों के लिए एक साथ मतदान हुआ। 200 से अधिक केंद्रों पर आधी रात तक मतदान चलता रहा। विधानसभा के लिए आंध्र में 78.14%, ओडिशा में 73.76%, सिक्किम में 78.19% व अरुणाचल में 67.08% मत पड़े।

लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान जारी, मुजफ्फरनगर-मेरठ के कई बूथों पर ईवीएम खराब! लोगो ने जाताई नाराजगी।

देश भर में गुरुवार से लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व का आगाज हो गया है। लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण में 20 राज्यों की 91 लोकसभा सीटों और चार राज्यों (ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, सिक्किम) की विधानसभा सीटों पर सुबह 7 बजे मतदान शुरू हो गया है।लोकतंत्र के इस महापर्व के पहले चरण में 20 राज्यों की 91 सीटों पर मतदान हो रहा है। इसमें 1279 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होना है।पहले चरण में जिन प्रमुख नेताओं की किस्मत इवीएम में कैद हो जायेगी, उनमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, वीके सिंह, हंसराज अहीर व किरण रिजीजू, कांग्रेस की रेणुका चौधरी, एआइएमआइएम के असदउद्दीन ओवैसी शामिल हैं।आंध्र प्रदेश और तेलंगाना समेत 9 ऐसे राज्य जहां पहले चरण में ही चुनाव खत्म हो जाएगा. यानी अरुणाचल, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम, तेलंगाना, उत्तराखंड और लक्षदीप में सभी सीटों के प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी। चुनाव आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार 91 लोकसभा सीटों से कुछ सीटों पर शाम चार बजे तक, जबकि कुछ पर पांच बजे तक और कुछ सीटों पर छह बजे तक मतदान होगा।

लाइव अपडेट्स

👉मेरठ के राजकीय इंटर कॉलेज लावड़ में 4 ईवीएम खराब, प्राइमरी पाठशाला में 2 मशीनें खराब होने से मतदान रूका. लोगों ने जताई नाराजगी।

👉 छत्तीसगढ़ के बस्तर सीट के नारायणपुर में मतदान से पहले नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट किया, पांच लोग हिरासत में लिए गए।

👉 जनसेना के उम्मीदवार मधुसूदन गुप्ता ने EVM क्रैश करने की कोशिश की. पुलिस ने उन्हें अरेस्ट कर लिया है।

👉 महाराष्ट्र के यवतमाल शहर में महात्मा फुले नगर परिषद में मशीन खराब होने से मतदान रुका है। संबंधित अधिकारी मशीन ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं।

👉 मुज़फ्फरनगर के बूथ नंबर 105 में ईवीएम खराब होने से अब तक मतदान शुरू नहीं हो सका है. मतदाता घंटों से लाइन में खड़े हैं।

👉 जम्मू-कश्मीर की बारामूला और जम्मू लोकसभा सीट पर पहले चरण की वोटिंग हो रही है। यहां की बूथ संख्या 152 पुंछ में सुरक्षा के कड़े इंताजम किए गए हैं लेकिन पोलिंग बूथ पर मतदाता नजर नहीं आ रहे हैं।

👉 आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में सुबह-सुबह वोट डाला। वोट डालने के बाद भागवत ने कहा कि वोटिंग हमारा अधिकार है और सभी को वोट डालना चाहिए। नागपुर सीट से भाजपा की ओर से नितिन गडकरी और कांग्रेस की तरफ से नाना पटोले प्रमुख उम्मीदवार हैं।

लोकसभा चुनाव- पहले चरण के लिए थमा चुनाव प्रचार, एनडीए के 90, तो यूपीए के 89 उम्मीदवार आजमाएंगे किस्मत!

देश में 11 अप्रैल को 20 राज्यों की 91 लोकसभा सीटों पर होने वाले पहले चरण के मतदान के लिए मंगलवार शाम 5 बजे चुनाव प्रचार थम गया। देश की राष्ट्रीय पार्टियों बीजेपी और कांग्रेस के लिए पहला चरण बेहद ही महत्वपूर्ण है।पहले चरण में एनडीए ने 90 जबकि 89 सीटों पर यूपीए के उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर लगी है। यूपी और आंध्र प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस से अलग दो महागठबंधन भी मैदान में हैं। पहले चरण में कुल 1280 उम्मीदवार ने चुनाव लड़ने के लिए पर्चा दाखिल किया है।

पहले फेज में कई वीवीआईपी कैंडिडेट्स की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी। इनमें नितिन गडकरी, वीके सिंह, महेश शर्मा, संजीव बालियान, सत्यपाल सिंह, राजेंद्र अग्रवाल, राघव लखनपाल, कुंवर भारतेन्द्र सिंह, चौधरी अजित सिंह, जयंत चौधरी, चिराग पासवान, जीतनराम मांझी, असदुद्दीन ओवैसी, हाजी याकूब कुरैशी, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, इमरान मसूद, तबस्सुम हसन के नाम शामिल हैं।

पहले चरण में एनडीए ने 91 में से 90 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। आंध्र प्रदेश की 1 सीट ऐसी है, जहां एनडीए का उम्मीदवार मैदान में नहीं है। एनडीए में 90 सीटों में से 83 पर बीजेपी के उम्मीदवार मैदान पर हैं। वहीं असम की एक सीट पर सहयोगी असम गण परिषद, बिहार की 2 सीटों पर एलजेपी, 1 सीट पर जेडीयू, महाराष्ट्र की दो सीटों पर शिवसेना और एक सीट पर एनडीपीपी के उम्मीदवार किस्मत आजमा रहा है।

बात अगर यूपीए की करें तो 91 में से यूपी की दो सीटों को छोड़कर 89 सीटों पर इसके उम्मीदवार मैदान में हैं। कांग्रेस इनमें से 83 सीटों पर खुद चुनाव लड़ रही है। बिहार की दो सीटों पर ‘हम’, एक सीट पर आरएलएसपी, महाराष्ट्र की एक सीट पर एनसीपी के उम्मीदवार मैदान में है। कांग्रेस ने महाराष्ट्र की एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार का भी समर्थन किया है। यूपी में अजीत सिंह और जयंत के खिलाफ कांग्रेस ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है।

उत्तर प्रदेश में महागठबंधन पहले चरण में सभी 8 सीटों पर चुनाव लड़ रहा है। 8 सीटों में से 4 सीटों पर बीएसपी, 2 सीट पर आरएलडी, 2 सीट पर एसपी के उम्मीदवार मैदान में हैं। आंध्र प्रदेश में भी एक महागठबंधन चुनावी मैदान में है। इस महागठबंधन में पवन कल्याण की जन सेना, बीएसपी, सीपीआई और सीपीएम शामिल हैं। आंध्र की 25 सीटों में से जन सेना 17, बीएसपी 3, सीपीआई 2 और सीपीएम 2 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

किशनगंज पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष ने मार्च माह 2019 का अपराध समीक्षा गोष्ठी किया!

किशनगंज पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष ने मार्च माह 2019 का अपराध समीक्षा गोष्ठी किया, जिसमें कुल गिरफ्तारियों में 150, हत्या के 04 एवं विभिन्न कांडों में 92 एवं कुल 54 वारंटी गिरफ्तार किया गया है, इस माह (मार्च) में 214 कांडों का निष्पादन किया गया, अगले माह में प्रतिवेदन कांडों की तुलना में डेढ़ गुना निष्पादन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
जुर्माने से वसूले गए राशि- जिलेभर में 1438 वाहनों से कुल 28,12,650 रुपये (अठ्ठाइस लाख बारह हजार छः सौ पचास) जुर्माने के रूप में वसूले गए, जिसमें 1147 वाहनों से 2,50,900 रुपये बिना हेलमेट वालों से, 90 वाहनों से(ओवर लोडिंग) से 24,63,550 रुपये एवं अन्य नियमों में 201 वाहनों से ₹98,200 की वसूली किया गया।
बरामदगी- देसी कट्टा एक,छोटी/बड़ी वाहन जिसमें 78 ट्रक, 8 ट्रेक्टर,6 मोटर साइकिल जप्त, एवं दो मोटरसाइकिल एवं एक ट्रैक्टर बरामद किया गया।
पशु- 105 रास, भारतीय नोट 21,24,360 रुपये स्मैक 13 ग्राम,100 मिग्रा•, मोबाइल फ़ोन 7 एवं 4 सीसीटीवी कैमरा, माह में 191 कुर्की का निष्पादन किया गया।

आगामी रामनवमी एवं लोक सभा आम निर्वाचन 2019
किशनगंज जिले में होने वाली रामनवमी एवं लोक सभा आम निर्वाचन 2019 को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी किशनगंज एवं पुलिस अधीक्षक किशनगंज के द्वारा मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी में उपस्थित सभी पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए जो निम्न है-
★रामनवमी का जुलूस बिना लाइसेंस के नहीं निकले, जुलूस पूरी तरह से धार्मिक हो और इसे किसी भी तरह का राजनीतिक रंग नहीं दिया जाए सभी थाना अध्यक्ष-ओपी अध्यक्ष इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि अगर किसी भी तरह का राजनीतिक रंग दिया जाता है तो आवश्यक कड़ी कार्रवाई की जाएगी एवं उस जुलूस का पूरा खर्च संबंधित उम्मीदवार के चुनाव खर्च में जोड़ दिया जाएगा। आदर्श आचार संहिता का कठोरता से अनुपालन करवाना होगा। इस बात की सूचना सभी थाना अध्यक्ष ओपी अध्यक्ष अगले 48 घंटों में आयोजित होने वाली शांति समिति की बैठक में उपस्थित सभी लोगों को अवगत कराएंगे सभी जुलूस की फोटोग्राफी- वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
★ लोक सभा आम निर्वाचन 2019 के अवसर पर अभी तक कुल 9372 लोगों पर धारा 107 द•प्र•स• की कार्रवाई की गई है जिसमें से 6630 लोगों के द्वारा बंधपत्र भरवा भी लिया गया है, शेष लोगों पर भी कार्रवाई जारी है।
★ लोक सभा आम निर्वाचन 2019 के अवसर पर सभी 319 शस्त्रों का सत्यापन 166 जमा एवं 40 के रद्दीकरण का प्रस्ताव भेजा गया है तथा कुल 78 लोगों पर सी•सी•ए• के तहत कार्यवाही की गई है।
★सभी थानों में गुंडा पंजी को अद्यतन किया जाएगा तथा गुंडा परेड करवा कर सत्यापन भी कराया जाएगा।
★ भेद्य और संवेदनशील टोलों मोहल्ले की सूची तैयार कर लगातार विश्वास प्रेरक करवाई की जाए और असामाजिक तत्वों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाय ताकि सभी लोग निर्भय होकर निष्पक्ष रूप से शांतिपूर्ण मतदान कर सकें।बैठक में डीएम हिमांशु शर्मा,एसपी कुमार आशीष,एसडीपीओ डॉ अखिलेश कुमार सहित क़ई अधिकारी मौजूद रहे।

पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के कूच बेहर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए दीदी पर कसा तंज!

पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के कूच बेहर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस अपार भीड़ को देखकर मुझे इतनी प्रसन्नता हो रही है और ये मेरी जिम्मेदारी बढ़ती जा रही है। पीएम मोदी ने भारी भीड़ से शांति और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठे लोग तो अंदाजा भी नहीं लगा सकते कि कैसी लहर है। पश्चिम बंगाल की स्पीड ब्रेकर दीदी, आज चैन से सो नहीं पा रही है। राजनीति में जमीन खिसकना क्या होता है, अगर किसी को समझना हो, तो दीदी की बौखलाहट, दीदी का गुस्सा, देखकर समझ सकता है। मुझे पर आजकल गालियों की जो बौछार हो रही है, चुनाव आयोग पर वो जिस तरह भड़ रही हैं, उससे भी पता चलता है कि दीदी कितनी डरी हुई हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि आज इस चौकीदार पर देश को इसलिए इतना विश्वास हुआ है, क्योंकि लोगों को लगने लगा है कि नामुमकिन भी अब मुमकिन है। गरीब से गरीब के पास भी अपना बैंक खाता, अपना रुपे डेबिट कार्ड होगा, ये कभी नामुमकिन लगता था, लेकिन अब मुमकिन है। गरीब से गरीब की रसोई में भी गैस पर खाना बनेगा, ये भी पहले नामुमकिन लगता था, लेकिन अब मुमकिन है। राजनीति में जमीन खिसकना क्या होता है, अगर किसी को समझना हो, तो दीदी की बौखलाहट, दीदी का गुस्सा, देखकर समझ सकता है। मुझे पर आजकल गालियों की जो बौछार हो रही है, चुनाव आयोग पर वो जिस तरह भड़क रही हैं, उससे भी पता चलता है कि दीदी कितनी डरी हुई हैं। बांग्लादेश के साथ जमीन समझौता दशकों से लटका हुआ था। कूच बिहार के लिए ये कितना महत्वपूर्ण था। इस समझौते पर कभी अमल होगा, ये भी नामुमकिन लगता था। लेकिन ये भी मुमकिन हुआ।

भारत कभी आतंकवादियों के घर में घुसकर मारेगा, ये भी नामुमकिन लगता था, लेकिन अब ये भी मुमकिन है। 2014 से पहले आए दिन आतंकवादी हमले होते थे, वो कहां से आते थे, कौन उनको भेजता था, ये तब की सरकार को भी पता था। हमारे जांबाज़ सपूत तब की सरकार से बदला लेने के लिए कहते थे लेकिन सरकार के कदम फैसला लेने से पहले ही कांप जाते थे। मजबूत होते भारत से कुछ लोगों को कष्ट हो रहा है। जब भारत अंतरिक्ष में महाशक्ति बन रहा है, तो दीदी को ये परेशान करता है। जब भारत आतंक पर सख्ती दिखाता है, तब दीदी को ये परेशान करता है। अब दीदी इतनी परेशान हैं कि दिन-रात एक ही बात कह रही हैं, मोदी हटाओ!

अपने राजनीतिक फायदे के लिए घुसपैठियों को बचाकर दीदी ने माटी के साथ भी विश्वासघात किया है। पश्चिम बंगाल के लोगों को टीएमसी के गुंडों के हवाले करके उन्होंने मानुष की सारी उम्मीदें तोड़ दी हैं, उसका जीवन मुश्किल में डाल दिया है। दीदी अब ऐसे लोगों का साथ दे रही हैं जो भारत में दो प्रधानमंत्री चाहते हैं। क्या भारत में दो प्रधानमंत्री होने चाहिए? लेकिन दीदी ने मोदी विरोध में अपने ऐसे साथियों पर भी चुप्पी साध ली है। दीदी पर आपने बहुत भरोसा किया था। लेकिन उन्होंने आपका वो भरोसा चकनाचूर कर दिया है। पश्चिम बंगाल में बुआ-भतीजे का गठजोड़ इस महान धरती को गुंडों, घुसपैठियों, जानवरों और इंसानों के तस्करों, टोलाबाज़ों का गढ़ बनाने पर तुला हुआ है। स्पीड ब्रेकर दीदी ने अगर केंद्र सरकार की योजनाओं को रोका नहीं होता, तो आज बहुत सी सुविधाओं का लाभ आपको भी मिलता। अब 2019 का ये लोकसभा चुनाव आया है दीदी को सबक सिखाने के लिए।

दीदी का असली चेहरा दुनिया के सामने लाना जरूरी है। ये धरती इतने सामर्थ्य से भरी हुई है लेकिन वो पश्चिम बंगाल की संस्कृति को, यहां के गौरव को, यहां के नागरिकों के जीवन को तबाह करने पर तुली हुई हैं। क्या दीदी ने आपको बताया कि क्यों पश्चिम बंगाल में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं की जा रही हैं? क्या दीदी ने आपको बताया कि क्यों परीक्षा पास करने के बावजूद, हज़ारों युवाओं की नौकरी पर ब्रेक लगा दिया गया है। क्या दीदी ने आपको बताया कि यहां के चाय बगानों में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं को रोकने का काम क्यों किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल में कम्यूनिस्टों के शासन के बाद इस तरह सरकार चलाई जाएगी, इसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। मां शारदा को पूरा देश पूजता है, उनसे हम ज्ञान, सद्-बुद्धि मांगते हैं, लेकिन इन्होंने बंगाल को सारदा स्कैम से बदनाम कर दिया। रोज का नाम सुनते ही लोग फूलों की बात करते हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में ‘रोज’ सुनते ही गरीबों को कांटा चुभने की याद आने लगती है।

मोदी ने कहा कि आपका ये चौकीदार आपके हितों की रक्षा के लिए, देश के लोगों की रक्षा के लिए पूरी तरह चौकन्ना है, समर्पित है। आपका ये चौकीदार घुसपैठियों की पहचान करने के लिए असम में एनआरसी लेकर आया। आपके ये चौकीदार सिटिजनशिप अमेंडमेंट बिल भी लेकर आया। हमारी कोशिश मां भारती की संतानों को, मां भारती में आस्था रखने वालों को सुरक्षा देने की थी। दीदी अपने महामिलावटी साथियों के साथ मिलकर इस पर भी ब्रेक लगाने के चक्कर में है। लेकिन ये चौकीदार इस विषय में भी पूरी तरह से चौकन्ना है। बंगाल की जनता ने मन बना लिया है। अब बंगाल में ना टोलागिरी चलेगी ना गुंडागिरी। आपको किसी से डरने की जरूरत नहीं है। कोई आपका वोट छीन नहीं पाएगा।

मछलियों की जांच के लिए आंध्रप्रदेश जायेंगे बिहार के अधिकारी, बिक्री पर लग सकता है बैन! जानिए क्यों।

बिहार में बाहर से आने वाली मछलियों की बिक्री पर रोक लगाने के संशय के बीच अधिकारियों की एक टीम आंध्र प्रदेश जाएगी। बुधवार को राज्य में आंध्र प्रदेश की मछली पर रोक और बिहार की मछली की जांच को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में आंध्र प्रदेश की मछली की जांच समेत अन्य जनकारी के लिए विशेषज्ञों की टीम को आंध्रा भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक में लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य विभाग के सचिव संजय कुमार ने बताया कि जांच टीम में मत्स्य निदेशक और खाद्य सुरक्षा अधिकारी शामिल होंगे। ये टीम आंध्र प्रदेश के मछली व्यवसायी और वहां से निर्यात होने वाले स्थलों से जानकारी लेंगे साथ ही तय करेंगे कि वहां की मछली खाने लायक है कि नहीं।